उम्र और बचे हुए दिनों के अलावा, हर एंट्री में वे छोटी-छोटी बातें भी जुड़ जाती हैं जो बातचीत का ज़रिया और जश्न की वजह बनती हैं।
- राशि अपने आप दिखती है, अलग से भरने की ज़रूरत नहीं
- जन्म से बीते दिन — "10,000वाँ दिन" जैसे पड़ाव ढूँढ़ने में काम आते हैं
- जिनके जन्मदिन संपर्कों में सेव हैं, उन्हें चुनकर आयात कर लीजिए
